पंकज त्रिपाठी न बन जाएँ अक्षय खन्ना उर्फ़ रहमान डकैत !
बॉलीवुड की एक गन्दी मग़र गहरी आदत है ट्रेंड पकड़कर चलना । जो सब्जेक्ट हिट हो गया उसे तब तक घसीटते रहेंगे जब तक उस सब्जेक्ट का सारा चार्म न निकल जाए ।। हमारे गाँव देश में देखा जाता है कि गन्ने का रस बेचने वाले जब गन्ने से रस निकाल रहे होते हैं तब गन्ने को पहले सीधा करते हैं फ़िर मोड़कर, फ़िर ट्रिपल टाइम मोड़कर, फ़िर ऐंठ घुमाकर उसका बूंद बूंद रस निचोड़ लेते हैं । उसका वेस्टेज बचता है मन तब भी नहीं भरता । आख़िर में उस वेस्टेज में नींबू और पुदीने की पत्ती रखकर उसे फ़िर निचोड़ा जाता है । ठीक हमारा बॉलीवुड भी यही करता है । जो हिट हो गया उसी सब्जेक्ट पर तब तक फ़िल्में चिपकाते रहेंगे जब तक उस फ़िल्म पर कुत्ता भी मूतना बन्द न कर दे । (जी हां यह अश्लील सा लगने वाला वाक्य, बॉलीवुड के परिपेक्ष में इस्तेमाल होने पर सभी शालीन और श्लील है ।।) बॉलीवुड का कोई कैरेक्टर हिट हो गया तो उस एक्टर को तब तक वही किरदार मिलता रहेगा जब तक उस किरदार का नींबू निचोड़ने की नौबत न आ जाए । या फ़िर यूं कहें कि नींबू निचोड़ न जाए ।। अभिनेता भी कई बार किरदार में इतना घुस जाता है कि उससे बाहर निकलना उसके लिए मुश्किल हो जाता है । इसके उदाहरण पहले भी देखने को मिले हैं । संजय दत्त की वास्तव के बाद संजय दत्त में से फ़िल्म साजन का मशहूर शायर सागर कहीं खो गया । मुझे देखने पर समझ आता है कि 1999 के बाद से आज तक 1999 के पहले वाला संजय दत्त दिखाई नहीं दिया । हर किरदार वही भाईगिरी वाला पुलिस भी बने तो वही भाई टाइप का पुलिसवाला ।
उम्दा, मशहूर और मरहूम अभिनेता इरफ़ान ख़ान साहब के साथ भी ऐसा हुआ था । तिग्मांशु धूलिया की कल्ट क्लासिक फ़िल्म हासिल के बाद इरफ़ान साहब हासिल के बहुचर्चित किरदार रणविजय की संवाद शैली से बाहर नहीं निकल पा रहे थे, लेकिन इरफ़ान साब निकले मझे हुए कलाकार तिस पर रंगमंच के उस्ताद अलग से, दो फ़िल्मों में देखा ख़ुद पर वर्क किया और फ़िर हो गए रीसेट । मग़र यह रीसेट फॉर्मेट सभी कलाकार यूज़ नहीं कर पाते और टाइप्ड हो जाते हैं।। मेरा ख़्याल है यही कंफर्ट ज़ोन में बने रहने की आदत के कारण ही बॉलीवुड की अधिकांश फिल्में या तो इंस्पायर्ड होती हैं या कहीं न कहीं से कॉपी । मुझे बॉलीवुड की फिल्मों में नवाचार की कमी साफ़ दिखाई पड़ती है । अब यहीं देखिए हाल फ़िलहाल में “उरी” फेम आदित्य धर की धुरंधर जब से हिट हुई है हर ओर रहमान डकैत यानी अक्षय खन्ना की जमकर तारीफ़ हो ही रही है ।। कि उधर सन्नी पाजी के साथ अक्षय खन्ना की वेबसीरीज इक्का का ट्रेलर रिलीज़ कर दिया गया । सिरीज़ कैसी होगी ये बात तो देखने के बाद ही कुछ कहना ठीक होगा मग़र ट्रेलर देखकर सब्जेक्ट और किरदार तो अपीलिंग लगा। परन्तु अक्षय खन्ना में रहमान डकैत की आत्मा का रह रहकर उमड़ पड़ना दर्शकों को बहुत ख़ला।। मुझे डर है कि अपना जीतू फ्रॉम वीडियोकॉन, अपना औरंग, अपना रहमान डकैत उर्फ़ अक्षय खन्ना कहीं मिर्ज़ापुर फेम पंकज त्रिपाठी की तरह अपने किरदार में घुसकर अपनी अभिनय क्षमता की हत्या न कर बैठे ।। जैसे पंकज त्रिपाठी हर किरदार में अखंडानंद त्रिपाठी उर्फ़ कालीन भैया की आत्मा को घुसेड़कर किरदार का पोस्टमार्टम कर देते हैं वैसे ही कहीं अक्षय खन्ना पर हावी न हो जाए रहमान डकैत ।।।
इक्का वेबसिरीज़
https://www.netflix.com/title/82134666
इक्का हाल ही में Netflix पर रिलीज़ होने को तैयार एक वेबसिरीज़ है । जो सनी देओल, अक्षय खन्ना, दिया मिर्ज़ा सरीखे उम्दा अभिनेताओं से सजी है । दर्शकों के लिए सन्नी और अक्षय खन्ना की जुगलबंदी बहुप्रतीक्षित है ।