सुनील ग्रोवर हैं मिमिक्री की एडवांस्ड यूनिवर्सिटी।

सुनील ग्रोवर किसी परिचय के मोहताज नहीं। हम आप सब सुनील ग्रोवर को एक स्टैंडअप कॉमेडियन, एक अभिनेता के तौर पर भली भांति जानते हैं। सुनील ग्रोवर ने हिन्दी फ़िल्म उद्योग में काफ़ी स्ट्रगल किया है। उनके साथ शुरू करने वाले तमाम कलाकार तमामो अलग अलग मुक़ाम पर पहुंच गए। कोई आउट हो गया, कोई टॉप पर गया तो कोई दुनिया से ही रुखसत कर गया। सुनील ग्रोवर फ़िर भी इंडस्ट्री में शिद्दत से लगे हुए हैं। कपिल शर्मा को ध्यान और केंद्र में रखकर कलर्स वालों ने एक शो ही बना डाला। कपिल प्रसिद्धि की सीढ़ियां चढ़े, फ़िल्में हीरो वाली मिलीं, नशा चढ़ा,सफलता का श्रेय ख़ुद को अकेले देना शुरू किए,सुनील से डिस्प्यूट हुआ, सुनील अलग हुए TRP गिरी, सुनील फ़िर वापिस हुए। शो फ़िर चल निकला। THE KAPIL SHARMA SHOW को नेटफ्लिक्स का भी साथ मिल गया। निर्माताओं की जेबें फुल हैं । लेकिन इस बीच अगर कुछ नहीं बदला तो वो है सुनील ग्रोवर के संघर्ष की ताक़त। सुनील ग्रोवर अनवरत प्रयासरत हैं । ख़ुद में नए नए एक्सपेरिमेंट करते रहते हैं। फ़िल्म में रोल मिला तो उस रोल को जीवंत कर दिया। अभी सुनील ग्रोवर मिमिक्री के साथ ग़ज़ब का एक्सपेरिमेंट कर रहे हैं। हम सब मिमिक्री के नाम पर थोड़ी भाव भंगिमा और वॉयस कॉपी करता हुआ स्टैंडअप कॉमेडियन ही जानते हैं। मगर सुनील ग्रोवर ने यह परिभाषा बदल कर रख दी। वह THE GREAT KAPIL SHARMA SHOW में हर एपिसोड में किसी एक सुप्रसिद्ध व्यक्ति का रोल प्ले करते नज़र आते हैं ।अमीर ख़ान, अमिताभ बच्चन, सलमान ख़ान, शाहरुख खान, कपिलदेव, सिद्धू आदि का रोल परफॉर्म कर चुके हैं। अभी हालिया रिलीज शो में सुनील ग्रोवर ने मशहूर अभिनेता कादर ख़ान का रोल परफॉर्म किया। हूबहू अदा, लहज़ा, पहनावा और फेशियल एक्सप्रेशन के साथ फ्रेम खुलते ही सुनील ग्रोवर की एंट्री होती है। देखते ही दर्शकों के मुंह से बस वाह वाह ही निकल गया। कादर साब के साथ कई फ़िल्मों में काम कर चुके मशहूर हास्य स्टाइल के फ़िल्म निर्देशक डेविड धवन ने कई बार कहा फेंटास्टिक!! इसने तो कादर साब की याद दिला दी। दरअसल सुनील ग्रोवर ने मिमिक्री का पाठ्यक्रम पूरी तरह से बदलकर ज़ेन-जी फ्रेंडली कर दिया है। अब मिमिक्री फेशियल एक्सप्रेशन और वॉयस कॉपी से अधिक हो चुकी है। सुनील ग्रोवर ने इसमें बहुत से नए अध्याय जोड़ डाले हैं । अब मिमिक्री व्यक्ति का कंप्लीट औरा उतार देने को कहा जाएगा। चाल,ढाल,बोल, और हरकतें भी। इस मिमिक्री यूनिवर्सिटी के डीन साब तो इसके माहिर खिलाड़ी हैं। मग़र पुराने स्टैंडअप कॉमेडियंस को सुबह ग्रीन टी के साथ सुड़क जाएंगे और कुछ नवागंतुकों को लगता है लंच में निबटा देंगे। सुनील ग्रोवर को अपनी इस एक्सपेरिमेंट को सरलीकृत करना चाहिए ताकि उनके स्टूडेंट्स को भी दिक्कत न आए। ख़ैर ज़ेनजी में बहुत जान है। वे शायद इसी यूनिवर्सिटी में पढ़े टॉप करें और पैरलल कोई दूसरी यूनिवर्सिटी की स्थापना कर दें ।। अभी बात सुनील ग्रोवर के काम के तारीफों की है। वह तारीफ़ और अधिक डिजर्व करते हैं । क्योंकि सुनील ग्रोवर मिमिक्री की एडवांस्ड यूनिवर्सिटी बन चुके हैं।

सुनील ग्रोवर की एक्टिंग की तारीफ़ आज कल सोशल मीडिया पर धड़ल्ले से हो रही है। किसी विडिओक्लिप के कमेंट बॉक्स में  युजर्स की भावनाओं को स्पस्ट देखा जा सकता है।

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